अब भूपिंदर सिंह (Bhupinder Singh) हमारे बीच नहीं रहे लेकिन उनके गीत उनकी आवाज और उनका म्यूजिक हमेशा हमारे साथ रहेगा. भूपिंदर का कल देर निधन हो गया. पेट में इंफेक्शन के चलते उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था और इलाज के दौरान ही उन्हें कोरोना भी हो गया. ऐसे में उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा पर कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को कई बेहतरीन गाने दिए हैं.
भूपिंदर के करियर
की शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो से हुई थी इस दौरान वो दूरदर्शन से भी जुड़े
थे. साल 1962 में आकाशवाणी के एक अधिकारी के सम्मान में एक समारोह आयोजित
किया गया था. इस समारोह में भूपिंदर सिंह ने कुछ गाने गाए. इस वक्त उनकी
उम्र 21-22 रही होगी. लेकिन उनकी आवाज का नशा म्यूजिक कंपोजर मदन मोहन के
सर चढ़ गया और मदन मोहन ने उसी वक्त उन्हें मुंबई आने का न्यौता दे दिया.
मदन मोहन को फिल्म हकीकत का म्यूजिक कंपोज करना था. फिल्म के एक गीत के लिए
कई गीतकारों को चुना गया. उनमें मोहम्मद रफी (Mohammad Rafi), तलत महमूद
(Talat Mehmood), मन्ना डे (Manna Dey) जैसे दिग्गज गायक थे पर इस गाने के
लिए दिल्ली से भूपिंदर सिंह भी आए थे और ये गीत था 'होके मजबूर मुझे उसने
बुलाया होगा'. इस गाने में बड़े-बड़े गीतकारों के बीच भी भूपिंदर ने अपनी
छाप छोड़ दी. बस यहीं से उनकी फिल्मों में गायकी की शुरुआत हो गई. उन्होंने
एक से बढ़कर एक हिट गाने गाए जो आज भी लोगों की जुबां पर चढ़े हुए हैं (एक
अकेला इस शहर में गाना) या (कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता). ऐसे कई
गीत हुए जो शायद दुनिया के अंत तक याद किए जाएं. वो गुलजार के पसंदीदा
सिंगर थे जो अमूमन उनकी हर फिल्म का गाना गाया करते थे. गायक के अलावा
भूपिंदर बेहतरीन गिटारिस्ट भी थे.
आपने दम मारो दम,
महबूबा... महबूबा और तुम जो मिल गए हो जैसे शानदार गीत सुने हैं तो बता
दें इस सभी में जो बेहतरीन गिटार की आवाज आती है वो भूपिंदर की ही उंगलियों
से निकली है. भूपिंदर को सिंगर मिताली से प्यार हुआ और दोनों ने शादी कर
ली. दोनों ने कई सुपरहिट गजलें और गीत गाए. मिताली और भूपिंदर के बीच प्यार
ऐसा था कि उन दोनों की मिसाल दी जाती थी. भूपिंदर ने मिताली के बर्थडे पर
गीत भी तैयार किया था - "यादों को सरेआम बुलाया नहीं करते". 82 साल की उम्र
में दुनिया को अलविदा कहने वाले भूपिंदर ने बॉलीवुड को कई सुपरहिट गीत दिए
हैं.



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